भारतीय अर्थव्यवस्था ( Economy ) नितिन सिंघानिया 6th Edition (2025–26) Pdf Download : आज के समय में अगर किसी एक विषय ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे ज़्यादा महत्व हासिल किया है, तो वह है भारतीय अर्थव्यवस्था। UPSC, State PCS, SSC, Banking, Railway और अन्य सरकारी परीक्षाओं में अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रश्न लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में सही किताब का चुनाव बेहद ज़रूरी हो जाता है।
इसी आवश्यकता को पूरा करती है नितिन सिंघानिया द्वारा लिखित “भारतीय अर्थव्यवस्था” (संस्करण 2025–26)। यह पुस्तक न केवल सिलेबस को कवर करती है, बल्कि छात्रों को भारत की आर्थिक व्यवस्था को व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझने में भी मदद करती है।
पुस्तक का परिचय
-
किताब का नाम: भारतीय अर्थव्यवस्था
-
लेखक: नितिन सिंघानिया
-
नवीनतम संस्करण: 2025–26
-
प्रकाशक: McGraw Hill
-
उपयोगिता: UPSC, PCS, SSC, Banking, Railway, अन्य प्रतियोगी परीक्षाएँ
यह संस्करण विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें
✔ केंद्रीय बजट 2025–26
✔ आर्थिक सर्वेक्षण 2024–25
✔ नई आर्थिक नीतियाँ
✔ डिजिटल इकॉनमी और ग्रीन इकॉनमी
जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
इस पुस्तक को खास क्या बनाता है?
1️⃣ सिलेबस के अनुसार कंटेंट
यह पुस्तक UPSC और राज्य सेवा आयोगों के नवीनतम सिलेबस को ध्यान में रखकर लिखी गई है। Prelims से लेकर Mains तक, हर स्तर की तैयारी इसमें संभव है।
2️⃣ थ्योरी + प्रैक्टिकल का मेल
यह सिर्फ परिभाषाएँ नहीं सिखाती, बल्कि बताती है कि—
-
बजट का आम आदमी पर क्या असर पड़ता है
-
महँगाई का रोज़मर्रा की ज़िंदगी से क्या संबंध है
-
बैंकिंग सुधार अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करते हैं
3️⃣ अपडेटेड और भरोसेमंद
हर साल इसका नया संस्करण आता है, जिससे छात्रों को अलग-अलग जगह से जानकारी ढूँढने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
अध्यायों की संरचना (Content Structure)
इस पुस्तक में विषयों को निम्न भागों में बाँटा गया है:
-
भारतीय अर्थव्यवस्था का परिचय
-
राष्ट्रीय आय एवं GDP
-
कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र
-
बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली
-
मौद्रिक नीति एवं राजकोषीय नीति
-
कर प्रणाली एवं GST
-
गरीबी, बेरोज़गारी और विकास
-
नई आर्थिक नीतियाँ
-
डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इकोसिस्टम
-
पर्यावरण और सतत विकास
यह संरचना छात्रों को स्टेप-बाय-स्टेप सीखने में मदद करती है।
फुल बुक रिव्यू
📘 कंटेंट की गुणवत्ता
नितिन सिंघानिया की लेखन शैली बहुत ही सरल, स्पष्ट और तार्किक है। कठिन आर्थिक अवधारणाओं को भी इस तरह समझाया गया है कि नॉन-कॉमर्स या नॉन-इकोनॉमिक्स बैकग्राउंड के छात्र भी आसानी से समझ सकें।
📘 परीक्षा के दृष्टिकोण से
-
UPSC Prelims:
बेसिक फैक्ट्स, स्कीम्स और टर्मिनोलॉजी -
UPSC Mains:
एनालिटिकल आंसर लिखने में मदद -
Interview:
पॉलिसी और इकोनॉमिक ट्रेंड्स पर राय बनाने में सहायक
📘 अन्य पुस्तकों से तुलना
जहाँ कई किताबें या तो बहुत ज़्यादा थ्योरी में चली जाती हैं या सिर्फ करंट अफेयर्स पर टिक जाती हैं, वहीं यह पुस्तक स्टैटिक + करंट दोनों का बेहतरीन संतुलन पेश करती है।
किन छात्रों के लिए यह किताब सबसे ज़्यादा फायदेमंद है?
यह पुस्तक विशेष रूप से उपयोगी है:
-
UPSC और State PCS अभ्यर्थियों के लिए
-
SSC CGL, CHSL, बैंकिंग और रेलवे के छात्रों के लिए
-
हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए
-
उन छात्रों के लिए जो अर्थव्यवस्था को बेसिक से एडवांस तक सीखना चाहते हैं
इस किताब से पढ़ने की सही रणनीति
अगर आप इस पुस्तक से अधिकतम लाभ लेना चाहते हैं, तो यह तरीका अपनाएँ:
-
पहले पूरा अध्याय ध्यान से पढ़ें
-
मुख्य बिंदुओं को अलग कॉपी में नोट करें
-
हर टॉपिक को करंट अफेयर्स से जोड़ें
-
महीने में एक बार रिवीजन करें
-
टेस्ट सीरीज़ या मॉक टेस्ट में इसका प्रयोग करें





Reviews
There are no reviews yet.